CTET ONLINE SYLLABUS AND EXAM PATTERN IN HINDI

CTET Online Syllabus Hindi: NCERT के द्वारा प्रति एक वर्ष में दो बार CTET का एग्जाम कराया जाता है जो कि कक्षा 1 से कक्षा 8 तक के शिक्षकों के रूप में नियुक्त होने के लिए उम्मीदवारों को CTET 2020 के लिए उपस्थित होने की आवश्यकता होती है। CTET परीक्षा में दो पेपर होते हैं जो पेपर-I और पेपर-II हैं। 

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3 CBSE CTET SYLLABUS CLASS 1 TO 5
4 CTET Syllabus in Hindi Upper Primary Level (Class 6-8)

CTET पेपर-I उन उम्मीदवारों के लिए के लिए है जो कक्षा I से V के लिए शिक्षक के रूप में भर्ती होना चाहते हैं और पेपर-II को उन उम्मीदवारों के लिए कराया जाता है जो कक्षा VI से VIII को पढ़ाना चाहते हैं।

CTET ONLINE SYLLABUS


अब आप नीचे ctet Exam का पैटर्न कैसा है वो देखेंगे प्राइमरी और जूनियर के लिए अलग-अलग syllabus निर्धारित है उसके बाद आप ctet syllabus देखेंगे जो कि हिंदी में है आपको syllabus डाउनलोड करने का लिंक भी दिया गया है।

CTET EXAM PATTERN IN HINDI (PAPER- 1) PRIMARY LEVEL

PRIMARY LEVEL में 150 प्रश्नों पर 150 अंक निर्धारित किए गए है सभी प्रश्नों को हल करने के लिए 1:30 घण्टे या 150 मिनट का समय दिया जाता है।

  1. बाल विकास व शिक्षण -30 Questions – 30 Number
  2. गणित -30 Questions – 30 Number
  3. भाषा -1 (हिन्दी व संस्कृत ) -30 Questions – 30 Number
  4. भाषा -2 (संस्कृत व अँग्रेजी व उर्दू व अन्य) -30 Questions – 30 Number
  5. पर्यावरण अध्ययन -30 Questions – 30 Number

CTET EXAM PATTERN IN HINDI (PAPER- 2) UPPER PRIMARY LEVEL

UPPER PRIMARY LEVEL में 150 प्रश्नों पर 150 अंक निर्धारित किए गए है सभी प्रश्नों को हल करने के लिए 1:30 घण्टे या 150 मिनट का समय दिया जाता है।

  1. बाल विकास व शिक्षण -30 Questions – 30 Number
  2. भाषा -1 (हिन्दी व संस्कृत ) -30 Questions – 30 Number
  3. भाषा -2 (संस्कृत व अँग्रेजी व उर्दू व अन्य) -30 Questions – 30 Number
  4. विज्ञान और गणित /सामाजिक अध्ययन -60 Questions – 60 Number

CBSE CTET SYLLABUS CLASS 1 TO 5

1. बाल विकास और शिक्षण (CTET CHILD DEVELOPMENT AND EDUCATION SYLLABUS )

(A) बाल विकास (CHILD DEVELOPMENT)

  • विकास की अवधारणा तथा अधिगम के साथ उसका संबंध
  • बालकों के विकास के सिद्धांत
  • आनुवांशिकता और पर्यावरण क प्रभाव
  • समाजिकीकरण प्रक्रियाएं : सामाजिक विश्व और बालक (शिक्षक,अभिभावक और मित्रगण)
  • पाईगेट, कोलवर्ग और वायगोट्स्की : निर्माण और विवेचित सन्दर्भ
  • बाल-केन्द्रित और प्रगामी शिक्षा की अवधारणाए
  • बौद्धिकता के निर्माण का विवेचित सन्दर्भ
  • बहु-आयामी बौद्धिकता
  • भाषा और चिन्तन
  • समाज निर्माण के रूप में लिंग : लिंग भूमिकाएं, लिंग-पूर्वाग्रह और शैक्षणिक व्यवहार
  • शिक्षार्थियो के मध्य वैयक्तिक विभेद, भाषा, जाति, लिंग, समुदाय, धर्म आदि की विविधता पर आधारित विभेदों को समझना
  • अधिगम के लिए मूल्यांकन और अधिगम का मूल्यांकन के बीच अन्तर, विद्यालय आधारित मूल्यांकन, सतत और व्यापक मूल्यांकन
  • शिक्षार्थियो की तैयारी के स्तर के मूल्यांकन के लिए

(B) समावेशी शिक्षा की अवधारणा तथा विशेष आवश्यकता वाले बालकों को समझना

 



  • गैर-लाभ प्राप्त और अवसर-वंचित शिक्षार्थियों सहित विभिन्न पृष्ठभूमियों से आये शिक्षार्थियों की आवश्यकताओ को समझना
  • अभिगम सम्बंधित आवश्यकताएं, कठिनाई वाले बालकों की आवश्यकताओं को समझना
  • मेघावी, सृजनशील, विशिष्ट प्रतिभावान शिक्षार्थियों को समझना

(C) अधिगम और अध्यापन (Learning and Teaching)

  • बालक किस प्रकार सोंचते और सीखते है: बालक विद्यालय प्रदर्शन में सफलता प्राप्त करने में कैसे और क्यों असफलहोते हैं
  • अधिगम और अध्यापन की बुनियादी प्रक्रियाएं, बालकों की अधिगम कार्यनीतियाँ, सामाजिक क्रियाकलाप के रूप में अधिगम, अधिगम के सामाजिक सन्दर्भ
  • एक समस्या समाधानकर्ता और एक वैज्ञानिक अन्वेषक के रूप में बालक
  • बालकों में अधिगम की वैकल्पित संकल्पना, अधिगम प्रक्रिया में महत्वपूर्ण चरणों के रूप में बालक की त्रुटियों को समझना
  • बोध और संवेदनाएं
  • प्रेरणा और अधिगम
  • अधिगम में योगदान देने कारक निजी एवम पर्यावरणीय

2. भाषा-1 (हिन्दी) CTET HINDI SYLLABUS

(A) भाषा बोधगम्यता

  • अपठित अनुच्छेदों को पढ़ना- दो अनुच्छेद एक गद्य अथवा नाटक और एक कविता जिसमे बोधगम्यता, निष्कर्ष, व्याकरण और मौखिक योग्यता से संबंधित प्रश्न होंगे।

(B) भाषा विकास का अध्यापन

  • अधिगम अर्जन
  • भाषा अध्यापन के सिधान्त
  • सुनने और बोलने की भूमिका, भाषा का कार्य तथा बालक इसे किस प्रकार एक उपकरण के रूप में इस्तेमाल करते हैं
  • मौखिक और लिखित रूप में विचारों के सम्प्रेषण के लिए किसी भाषा के अधिगम में व्याकरण की भूमिका पर निर्णायक संदर्श
  • एक भिन्न कक्षा में भाषा पढ़ाने की चुनौतियाँ, भाषा की कठिनाइयाँ त्रुटियाँ और विकार
  • भाषा कौशल
  • भाषा बोधगम्यता और प्रवीणता का मूल्यांकन करना: पढ़ना, लिखना, बोलना और सुनना
  • अध्यापन- अध्यापन सामग्री: पाठ्यपुस्तक, मल्टीमीडिया सामग्री, कक्षा का बहुभाषायी संसाधन
  • उपचारात्मक अध्यापन

3. भाषा-2 (संस्कृत/उर्दू/अँग्रेजी/अन्य) CTET SANSKRIT SYLLABUS 

1. संस्कृत (CTET SANSKRIT SYLLABUS)

(A) भाषा बोधगम्यता

दो अपठित अनुच्छेदों को पढ़ना- दो अनुच्छेद एक गद्य अथवा नाटक और एक कविता जिसमे बोधगम्यता, निष्कर्ष, व्याकरण और मौखिक योग्यता से संबंधित प्रश्न होंगे।

(B) भाषा विकास का अध्यापन

  • अधिगम अर्जन
  • भाषा अध्यापन के सिधान्त
  • सुनने और बोलने की भूमिका, भाषा का कार्य तथा बालक इसे किस प्रकार एक उपकरण के रूप में इस्तेमाल करते हैं
  • मौखिक और लिखित रूप में विचारों के सम्प्रेषण के लिए किसी भाषा के अधिगम में व्याकरण की भूमिका पर निर्णायक संदर्श
  • एक भिन्न कक्षा में भाषा पढ़ाने की चुनौतियाँ, भाषा की कठिनाइयाँ त्रुटियाँ और विकार
  • भाषा कौशल
  • भाषा बोधगम्यता और प्रवीणता का मूल्यांकन करना: पढ़ना, लिखना, बोलना और सुनना
  • अध्यापन- अध्यापन सामग्री: पाठ्यपुस्तक, मल्टीमीडिया सामग्री, कक्षा का बहुभाषायी संसाधन
  • उपचारात्मक अध्यापन

2. अँग्रेजी (CTET ENGLISH SYLLABUS)

(A) भाषा समझ (Language Comprehension)

Reading unseen passages – Two passages and one prose or drama and one poem with questions on comprehension, and solutions.

(B) भाषा विकास की शिक्षाशास्त्र (Pedagogy of Language Development)

  • Learning and acquisition.
  • Principles of language Teaching.
  • Role of listening and speaking; function of language.
  • Role of Grammar or Critical Perspective in Learning for communication of ideas in written or verbal form.
  • Challenges of teaching language in a diverse classroom.
  • Language Skills.
  • Evaluating language comprehension proficiency, speaking, listening, reading, and writing.
  • Teaching-learning materials: Textbook, multi-media materials, multilingual resources of the classroom.

4. गणित (CTET MATHS SYLLABUS)

(A) विषय-वस्तु (SUBJECT MATTER)

  • ज्यामिति
  • आकार और स्थानिक समझ
  • हमारे चारों तरफ विद्यमान ठोंस पदार्थ
  • संख्याएं
  • जोड़ना और घटाना
  • गुणा करना
  • विभाजन
  • मापन
  • भार
  • समय
  • परिमाण
  • आंकड़ा प्रबंधन
  • पैटर्न
  • राशि

(B) अध्यापन कला सम्बंधित मुद्दे (Pedagogy Related Issues)

  • गणितीय/तार्किक चिन्तन की प्रकृति; बालक के चिन्तन एवं तर्कशक्ति पैटर्नों तथा अर्थ निकालने और अधिगम की कार्यनीतियों को समझना
  • पाठ्यचर्या में गणित का स्थान
  • गणित की भाषा
  • सामुदायिक गणित
  • औपचारिक तथा अनौपचारिक पद्धतियों के माध्यम से मूल्यांकन
  • शिक्षण की समस्याएं
  • त्रुटी विश्लेषण तथा अधिगम और अध्यापन के प्रासंगिक पहलू
  • नैदानिक एवं उपचारात्मक शिक्षण

5. पर्यावर्णीय अध्ययन (CTET Environmental Studies Syllabus)

(A) विषय-वस्तु (SUBJECT MATTER)

  • परिवार और मित्र; संबंध, कार्य और खेल, पशु, पौधे
  • भोजन
  • आश्रय
  • पानी
  • भ्रमण
  • वे चीजें जो हम बनाते और करते है।

(B) अध्यापन कला सम्बंधित मुद्दे (Pedagogy Related Issues)

  • ईवीएस की अवधारणा और व्याप्ति
  • ईवीएस का महत्व, एकीकृत ईवीएस
  • पर्यावरणीय अध्ययन और पर्यावरणीय ईवीएस
  • अधिगम सिद्धांत
  • विज्ञान और सामाजिक विज्ञान की व्याप्ति और संबंध
  • अवधारणा प्रस्तुत करने के दृष्टिकोण
  • क्रियाकलाप
  • प्रयोग/व्यवहारिक कार्य
  • चर्चा
  • सीसीई
  • शिक्षण सामाग्री / उपकरण
  • समस्याएं

CTET Syllabus in Hindi Upper Primary Level (Class 6-8)

1. बाल विकास और शिक्षण (CTET CHILD DEVELOPMENT AND EDUCATION SYLLABUS )

(A) बाल विकास और अध्यापन (CHILD DEVELOPMENT)

  • विकास की अवधारणा तथा अधिगम के साथ उसका संबंध
  • बालकों के विकास के सिद्धांत
  • आनुवांशिकता और पर्यावरण क प्रभाव
  • समाजिकीकरण प्रक्रियाएं : सामाजिक विश्व और बालक (शिक्षक, अभिभावक और मित्रगण)
  • पाईगेट, कोलवर्ग और वायगोट्स्की : निर्माण और विवेचित सन्दर्भ
  • बाल-केन्द्रित और प्रगामी शिक्षा की अवधारणाए
  • बौद्धिकता के निर्माण का विवेचित सन्दर्भ
  • बहु-आयामी बौद्धिकता
  • भाषा और चिन्तन
  • समाज निर्माण के रूप में लिंग : लिंग भूमिकाएं, लिंग-पूर्वाग्रह और शैक्षणिक व्यवहार
  • शिक्षार्थियो के मध्य वैयक्तिक विभेद, भाषा, जाति, लिंग, समुदाय, धर्म आदि की विविधता पर आधारित विभेदों को समझना
  • अधिगम के लिए मूल्यांकन और अधिगम का मूल्यांकन के बीच अन्तर, विद्यालय आधारित मूल्यांकन, सतत और व्यापक मूल्यांकन
  • शिक्षार्थियो की तैयारी के स्तर के मूल्यांकन के लिए

(B) समावेशी शिक्षा की अवधारणा तथा विशेष आवश्यकता वाले बालकों को समझना


  • गैर-लाभ प्राप्त और अवसर-वंचित शिक्षार्थियों सहित विभिन्न पृष्ठभूमियों से आये शिक्षार्थियों की आवश्यकताओ को समझना
  • अभिगम सम्बंधित आवश्यकताएं, कठिनाई वाले बालकों की आवश्यकताओं को समझना
  • मेघावी, सृजनशील, विशिष्ट प्रतिभावान शिक्षार्थियों को समझना

(C) अधिगम और अध्यापन (Learning and Teaching)

  • बालक किस प्रकार सोंचते और सीखते है: बालक विद्यालय प्रदर्शन में सफलता प्राप्त करने में कैसे और क्यों असफल होते हैं
  • अधिगम और अध्यापन की बुनियादी प्रक्रियाएं, बालकों की अधिगम कार्यनीतियाँ, सामाजिक क्रियाकलाप के रूप में अधिगम, अधिगम के सामाजिक सन्दर्भ
  • एक समस्या समाधानकर्ता और एक वैज्ञानिक अन्वेषक के रूप में बालक
  • बालकों में अधिगम की वैकल्पित संकल्पना, अधिगम प्रक्रिया में महत्वपूर्ण चरणों के रूप में बालक की त्रुटियों को समझना
  • बोध और संवेदनाएं
  • प्रेरणा और अधिगम
  • अधिगम में योगदान देने कारक  निजी एवम पर्यावरणीय

2. भाषा-1 (हिन्दी) CTET HINDI SYLLABUS

(A) भाषा बोधगम्यता

  • अपठित अनुच्छेदों को पढ़ना- दो अनुच्छेद एक गद्य अथवा नाटक और एक कविता जिसमे बोधगम्यता, निष्कर्ष, व्याकरण और मौखिक योग्यता से संबंधित प्रश्न होंगे।

(B) भाषा विकास का अध्यापन

  • अधिगम अर्जन
  • भाषा अध्यापन के सिधान्त
  • सुनने और बोलने की भूमिका, भाषा का कार्य तथा बालक इसे किस प्रकार एक उपकरण के रूप में इस्तेमाल करते हैं
  • मौखिक और लिखित रूप में विचारों के सम्प्रेषण के लिए किसी भाषा के अधिगम में व्याकरण की भूमिका पर निर्णायक संदर्श
  • एक भिन्न कक्षा में भाषा पढ़ाने की चुनौतियाँ, भाषा की कठिनाइयाँ त्रुटियाँ और विकार
  • भाषा कौशल
  • भाषा बोधगम्यता और प्रवीणता का मूल्यांकन करना: पढ़ना, लिखना, बोलना और सुनना
  • अध्यापन- अध्यापन सामग्री: पाठ्यपुस्तक, मल्टीमीडिया सामग्री, कक्षा का बहुभाषायी संसाधन
  • उपचारात्मक अध्यापन

3. भाषा-2 (संस्कृत/उर्दू/अँग्रेजी/अन्य) CTET SANSKRIT SYLLABUS 

1. संस्कृत (CTET SANSKRIT SYLLABUS)

(A) भाषा बोधगम्यता

दो अपठित अनुच्छेदों को पढ़ना- दो अनुच्छेद एक गद्य अथवा नाटक और एक कविता जिसमे बोधगम्यता, निष्कर्ष, व्याकरण और मौखिक योग्यता से संबंधित प्रश्न होंगे।

(B) भाषा विकास का अध्यापन

  • अधिगम अर्जन
  • भाषा अध्यापन के सिधान्त
  • सुनने और बोलने की भूमिका, भाषा का कार्य तथा बालक इसे किस प्रकार एक उपकरण के रूप में इस्तेमाल करते हैं
  • मौखिक और लिखित रूप में विचारों के सम्प्रेषण के लिए किसी भाषा के अधिगम में व्याकरण की भूमिका पर निर्णायक संदर्श
  • एक भिन्न कक्षा में भाषा पढ़ाने की चुनौतियाँ, भाषा की कठिनाइयाँ त्रुटियाँ और विकार
  • भाषा कौशल
  • भाषा बोधगम्यता और प्रवीणता का मूल्यांकन करना: पढ़ना, लिखना, बोलना और सुनना
  • अध्यापन- अध्यापन सामग्री: पाठ्यपुस्तक, मल्टीमीडिया सामग्री, कक्षा का बहुभाषायी संसाधन
  • उपचारात्मक अध्यापन

2. अँग्रेजी (CTET ENGLISH SYLLABUS)

(A) भाषा समझ (Language Comprehension)

Reading unseen passages – Two passages and one prose or drama and one poem with questions on comprehension, and solutions.

(B) भाषा विकास की शिक्षाशास्त्र (Pedagogy of Language Development)

  • Learning and acquisition.
  • Principles of language Teaching.
  • Role of listening and speaking; function of language.
  • Role of Grammar or Critical Perspective in Learning for communication of ideas in written or verbal form.
  • Challenges of teaching language in a diverse classroom.
  • Language Skills.
  • Evaluating language comprehension proficiency, speaking, listening, reading, and writing.
  • Teaching-learning materials: Textbook, multi-media materials, multilingual resources of the classroom.

4. गणित एवं विज्ञान (MATHS AND SCIENCE)

(A) गणित (MATHS)

(a) विषय-वस्तु

  1. अंक प्रणाली

  2. अंकों को समझना
  3. अंकों के साथ खेलना
  4. पूर्ण अंक
  5. नकारात्मक अंक और पूर्णांक
  6. भिन्न
  7. बीजगणित
  8. बीजगणित का परिचय
  9. समानुपात और अनुपात
  10. ज्यामिती
  11. मूलभूत ज्यामितिक विचार 2डी
  12. बुनियादी आकारों की समझ (2डी और 3डी)
  13. सममिति
  14. निर्माण (सीधे किनारे वाले मापक, कोण मापक, परकार का प्रयोग करते हुए)
  15. क्षेत्रमिति
  16. आँकड़ा प्रबंधन

(b) अध्यापन संबंधी मुद्दे

  • गणितीय/तार्किक चिन्तन की प्रकृति

  • पाठ्यचर्या में गणित का स्थान

  • गणित की भाषा

  • सामुदायिक गणित

  • मूल्यांकन

  • उपचारात्मक शिक्षण

  • शिक्षण की समस्या

(B) विज्ञान (SCIENCE)

(a) विषय-वस्तु

  • भोजन

  • भोजन के स्रोत

  • भोजन के अवयव

  • भोजन को स्वच्छ करना

  • सामग्री

  • दैनिक प्रयोग की सामग्री

  • जीव जंतुओं की दुनिया

  • सचल वस्तुए, लोग और विचार

  • चीजें कैसे काम करती हैं

  • विद्धुत करंट और सर्किट

  • चुम्बक

  • प्राकृतिक पद्धति

  • प्राकृतिक संसाधन

(b) अध्यापन सम्बंधित मुद्दे


  • विज्ञान की प्रकृति और संरचना
  • प्रकृतिक विज्ञान/लक्ष्य और उद्देश्य
  • विज्ञान को समझना और उसकी सराहना करना
  • दृष्टिकोण/एकीकृत दृष्टिकोण
  • प्रेक्षण/प्रयोग/अन्वेषण
  • अभिनवता
  • पाठ्यचर्या सामग्री/ सहायता-सामग्री
  • मूल्यांकन- संज्ञात्मक/ मनोप्रेरक/ प्रभावन
  • समस्याएं
  • उपचारात्मक शिक्षण
OR

4. सामाजिक अध्ययन/ सामाजिक विज्ञान

(A) विषय-वस्तु

(।) इतिहास

  • कब , कहाँ और कैसे
  • प्रारम्भिक समाज
  • प्रथम कृषक और चरवाहे
  • प्रथम शहर
  • प्रारम्भिक राज्य
  • नये विचार
  • प्रथम साम्राज्य
  • सुदूरवर्ती भूभागों के साथ सम्पर्क
  • राजनैतिक गतिविधियाँ
  • संस्कृति और विज्ञान
  • नये सम्राट और साम्राज्य
  • दिल्ली के सुल्तान
  • वास्तुकला
  • साम्राज्य का पतन
  • सामाजिक परिवर्तन
  • क्षेत्रीय संस्कृतियाँ
  • कंपनी शासन की स्थापना
  • ग्रामीण जीवन और समाज
  • उपनिवेशवाद और जनजातीय समाज
  • 1857-58 का विद्रोह
  • महिलाएं और सुधार
  • जाति व्यवस्था को चुनौती
  • राष्ट्रवादी आन्दोलन
  • स्वतंत्रता के पश्चात् भारत

(॥) भूगोल

  • एक सामाजिक अध्ययन तथा एक विज्ञान के रूप में भूगोल
  • ग्रह: सौरमंडल में प्रथ्वी
  • ग्लोब
  • अपनी समग्रता में पर्यावरण: प्राकृतिक और मानव पर्यावरण
  • वायु
  • जल
  • मानव पर्यावरण: बस्तियां, परिवहन और सम्प्रेषण
  • संसाधन: प्रकार- प्राकृतिक एवम मानवीय
  • कृषि

(।।।) सामाजिक और राजनितिक जीवन

    • विविधता
    • सरकार
    • स्थानीय सरकार
    • आजीविका हासिल करना
    • लोकतंत्र
    • राज्य सरकार
    • मीडिया को समझना
    • लिंग-भेद समाप्ति
    • संविधान
    • संसदीय सरकार
    • न्यायपालिका
    • सामाजिक न्याय और सीमांत लोग

    (B) अध्यापन संबंधी मुद्दे

      • सामाजिक विज्ञान/ सामाजिक अध्ययन की अवधारणा और पद्धति
      • कक्षा की प्रक्रियाएं, क्रियाकलाप और व्याख्यान
      • विवेचित चिन्तन का विकास करना
      • पूछताछ/ अनुभवजन्य साक्ष्य
      • सामाजिक विज्ञान/ सामाजिक अध्ययन पढ़ाने की समस्याएं
      • स्रोत:- प्राथमिक और माध्यमिक
      • प्रोजेक्ट कार्य
      • मूल्यांकन

      नोट: कक्षा 1 से 8 तक की विस्तृत पाठ्यचर्या के लिए NCERT Syllabus एवम् पाठ्यपुस्तकों का अवलोकन कर सकते है तथा इसकी विस्तृत जानकारी के लिए NCERT की ऑफिसियल वेबसाइट पर भी जा सकते हैं।

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